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यह अभ्यास पाठ्यक्रम का हिस्सा है
इस चैप्टर में आप जानेंगे कि डेटा को प्रीप्रोसेस करना वास्तव में क्या होता है। आप प्रीप्रोसेसिंग की शुरुआती स्टेप्स करेंगे, जिनमें डेटा टाइप्स की जाँच और missing डेटा से निपटना शामिल है।
यह चैप्टर पूरी तरह डेटा को स्टैंडर्डाइज़ करने पर केंद्रित है। कई बार कोई मॉडल आपके फीचर्स के डिस्ट्रीब्यूशन या स्केल के बारे में कुछ मान्यताएँ लेता है। स्टैंडर्डाइज़ेशन आपके डेटा को इन मान्यताओं के अनुरूप लाने और एल्गोरिदम के परफॉर्मेंस को सुधारने का एक तरीका है।
इस सेक्शन में आप फीचर इंजीनियरिंग सीखेंगे। आप अपने डेटासेट में मौजूद फीचर्स से नए और ज़्यादा उपयोगी फीचर्स बनाने के अलग-अलग तरीके एक्सप्लोर करेंगे। आप देखेंगे कि न्यूमेरिकल और टेक्स्टुअल, दोनों तरह के फीचर्स से जानकारी को कैसे एन्कोड, एग्रीगेट और एक्सट्रैक्ट किया जाए।
यह चैप्टर आपके डेटासेट से सबसे महत्वपूर्ण फीचर्स चुनने की कुछ अलग-अलग तकनीकों पर जाता है। आप सीखेंगे कि कैसे रेड़ंडेंट फीचर्स हटाएँ, टेक्स्ट वेक्टर्स के साथ काम करें, और प्रिंसिपल कंपोनेंट ऐनालिसिस (PCA) का उपयोग करके अपने डेटासेट में फीचर्स की संख्या कम करें।
वर्तमान अभ्यास
अब जब आपने प्रीप्रोसेसिंग के बारे में सब सीख लिया है, तो आप इन तकनीकों को UFO sightings से जुड़ी जानकारी वाले एक डेटासेट पर लागू करके देखेंगे।