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यह अभ्यास पाठ्यक्रम का हिस्सा है
यह अध्याय LLMOps और LLM एप्लिकेशन डेवलपमेंट के आइडिएशन फेज का परिचय कराता है। इसमें LLMOps की बुनियादी बातें समझाई गई हैं, LLMs के लाइफसाइकल स्टेजेस पर प्रकाश डाला गया है, और आइडिएशन फेज की अहम गतिविधियाँ कवर की गई हैं, जैसे डेटा सोर्सिंग और ओपन‑सोर्स बनाम प्रोपाइटरी LLMs का चयन।
यह अध्याय LLM एप्लिकेशन बनाने के डेवलपमेंट फेज पर केंद्रित है। इसमें प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एजेंट्स और चेन्स, RAG बनाम फाइन‑ट्यूनिंग टेक्नीक, और टेस्टिंग मेथड्स शामिल हैं।
यह अध्याय LLM एप्लिकेशन के डिप्लॉयमेंट और मैनेजमेंट के ऑपरेशनल फेज पर केंद्रित है। हम CI/CD जैसी डिप्लॉयमेंट स्ट्रैटेजीज़, स्केलिंग तकनीकें, मॉनिटरिंग प्रैक्टिसेज़, कॉस्ट मैनेजमेंट स्ट्रैटेजीज़, और गवर्नेंस व सिक्योरिटी संबंधी पहलुओं को कवर करेंगे। इन कॉन्सेप्ट्स में महारत आपको ऑपरेशनल एनवायरनमेंट्स में LLM एप्लिकेशंस को कुशलता से मैनेज करने में मदद करेगी।
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